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दहेज वालो केश

थावस रखले तू मत करा कलेश, कोई आयेगो क्रेटा वालो केश..! बारहवीं जैसी ही तू पढ जाईगो, क्रेटा मे चैक भुन जाईगो!

दहेज को भूत

चैहरा पे हांशी दिलन मे मेल भरकर बेठा हे, कब मोका मिले और बल निकालू, मोखा की तलाश मे बेठा हा! #नसीर_मेव

मेवाती दोहा

चैहरा पे हांशी दिलन मे मेल भरकर बेठा हे, कब मोका मिले और बल निकालू, मोखा की तलाश मे बेठा हा! #नसीर_मेव

मेवाती कहावत

1.   इयक थाळी का खाण्‍या।   अर्थ : पक्का वाडी  2.   घर आयो मिहमान, कदी बी आण्‍या मिहमान अपणो मान ना ख्‍वोवे हअ। 3.   हजार मील को दगड़ो इयक कदम में पार कर ल्‍येणो, नसीम तो नू स्‍वोचे हअ के जो काम दस दिन में ह्‍वो ऊ आज ह्‍वो जावे। 4.   ख्‍वोटो सिक्‍को ख्‍वोटो ह्‍वोवे हअ, कमजोर माणस तो मचूच रहवे हअ। 5.   आज को काम ध्‍येरे पे मत  छ्‍वोड,   आज को काम कदी भी दुबारा लू ना छ्‍वोडणो चहिये। 6. नीम हकीम खतरा मे ज्‍यान,   नीम हकीमो से दवा लेना जान खतरे मे डालना जेसा हे 7.   इयक तव्वा की रोटी कहा छ्‍वोटी कहा म्‍वोटी, अर्थ बराबर- समानता 8.   इयक घाट को पाणी पीणो अर्थ : एक लुगाई के साथ रहणो 9.   इयक तो च्‍वोरी उप्‍पर सू सीना ज्‍वोरी, अर्थ : चौरी करके अकडनो 10.   कदी दिन बडो कदी रात, अर्थ : सब दिन इकसार ना होवा 11. जाकी लाठी वाकी पाटी अर्थ : जापे लाठी हे - ताकत हे , वाकी ही पाटी जमीन हे 12. जो गरजा हां वे बरसा नाहां अर्थ : जो घणा बोला हां वे कुछ ना करां। 13. मुंह में राम बगल में छुरी अर्थ: ऊपर सू चीकणी बात करणो ओर भीतर सू बुरो ह...